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कल (27 फरवरी, 2026) में तनाव चरम पर पहुँच गया, जिसके बाद आज (28 फरवरी) तड़के और ने मिलकर पर बड़े हवाई हमले किए हैं।
कल की मुख्य घटनाएँ और आज के ताज़ा घटनाक्रम इस प्रकार हैं:
1. सैन्य हमला और युद्ध की स्थिति
- अमेरिका और इजरायल का हमला: आज सुबह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपऔर इजरायली पीएम ने ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) के तहत "बड़े सैन्य अभियानों" की घोषणा की।
- प्रमुख लक्ष्य: इजरायली और अमेरिकी विमानों ने तेहरान, इस्फहान, फोर्डो और नतांज जैसे शहरों में परमाणु प्रतिष्ठानों और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया।
- ईरान का जवाबी हमला: ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिकी अड्डों पर 100 से अधिक मिसाइलें दागी हैं। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय और अबू धाबी में विस्फोटों की खबर है।
2. राजनयिक और सुरक्षा अपडेट (कल 27 फरवरी)
- चीन की चेतावनी: कल (27 फरवरी) चीन ने अपने नागरिकों को सुरक्षा जोखिमों का हवाला देते हुए "जितनी जल्दी हो सके" ईरान छोड़ने की सलाह दी थी।
- भारत की एडवाइजरी: भारत सरकार ने ईरान और इजरायल में रहने वाले अपने नागरिकों के लिए इमर्जेंसी हेल्पलाइन जारी की है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रहने या देश छोड़ने की सलाह दी है।
- IAEA रिपोर्ट: कल जारी एक गोपनीय रिपोर्ट में अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने कहा कि वह ईरान की परमाणु गतिविधियों की पुष्टि नहीं कर पा रही है, जिससे तनाव और बढ़ गया।
3. आंतरिक अशांति और मानवाधिकार
- छात्रों का विरोध: कल शुक्रवार होने के बावजूद (ईरान में सप्ताहांत), कई शहरों में 40-दिवसीय शोक समारोहों के दौरान सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए।
- फांसी की सजा: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने कल चेतावनी दी कि जनवरी के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े कम से कम 8 लोगों (जिनमें दो बच्चे शामिल हैं) को मौत की सजा सुनाई गई है।
ताज़ा स्थिति (आज 28 फरवरी)
- ईरान और इजरायल दोनों ने अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद कर दिया है।
- तेहरान में भारतीय छात्र सुरक्षित निकासी की अपील कर रहे हैं。
- ईरान सरकार ने दावा किया है कि स्थिति नियंत्रण में है और उनके नेतृत्व को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है।
ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव
- सैन्य टकराव: जून 2025 में इजरायल और अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी B-2 बॉम्बर्स ने ईरान पर हमला करने के लिए 37 घंटे की उड़ान भरी थी।
- परमाणु प्रतिष्ठान: ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था (AEOI) ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी हमलों के बावजूद फोर्डो, नतांज और इस्फहान जैसे परमाणु केंद्रों में कोई रेडिएशन लीक नहीं हुआ है।
- हताहतों की संख्या: मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, संघर्ष के दौरान ईरान में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है। सरकारी आंकड़े 430 नागरिकों की मौत और 3,500 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि करते हैं।
- मनोवैज्ञानिक युद्ध: हाल ही में फरवरी 2026 में ईरान में रहस्यमय SMS और कब्रों के वीडियो साझा होने की खबरें आईं, जिन्हें शासन को अस्थिर करने के लिए एक मनोवैज्ञानिक अभियान के रूप में देखा जा रहा है।
आंतरिक विरोध और मानवाधिकार- विरोध प्रदर्शन: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों का दौर जारी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इंटरनेट ब्लैकआउट के बावजूद डॉक्टरों और कार्यकर्ताओं ने 'स्टारलिंक' का उपयोग कर दुनिया को वहां की स्थिति बताई है।
- हिंसक क्रैकडाउन: इसे ईरान के 47 साल के इतिहास का सबसे हिंसक क्रैकडाउन माना जा रहा है, जिसमें हजारों लोगों के मारे जाने या घायल होने की आशंका जताई गई है।
ईरान और भारत के संबंध- व्यापार पर प्रभाव: ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण भारत से बासमती चावल के निर्यात पर असर पड़ा है।
- सांस्कृतिक जुड़ाव: भारत और ईरान के बीच सदियों पुराने संबंध हैं, जो 'ईरानी चाय' और पारसी समुदाय की संस्कृति में स्पष्ट रूप से दिखते हैं। पारसी धर्म की शुरुआत लगभग 3,500 साल पहले प्राचीन ईरान में हुई थी।
- भारतीय नागरिकों की सुरक्षा: हाल ही में भारत सरकार ने ईरान में तीन भारतीयों की गुमशुदगी के मामले में ईरानी अधिकारियों से मदद मांगी है।
ईरान के बारे में त्वरित तथ्य- आधिकारिक नाम: ईरान का आधिकारिक नाम 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान' है।
- मुद्रा: ईरान की मुख्य मुद्रा 'रियाल' है, लेकिन इसकी बड़ी इकाई को 'तोमान' कहा जाता है।
- प्राचीन इतिहास: ईरान दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है, जिसे ऐतिहासिक रूप से 'फारस' (Persia) के नाम से जाना जाता था।

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